राजस्थान: झूंझनू में संपन्न हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक, संगठनात्मक कार्यों सहित भावी योजनाओं और गतिविधियों पर की गई विस्तृत चर्चा

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झुन्झुनू, (राजस्थान) | खेमी शक्ति मंदिर परिसर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक के समापन पर अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने पत्रकारों को बताया कि कोरोना काल के पश्चात हो रही प्रत्यक्ष प्रांत प्रचारक बैठक में संगठनात्मक कार्यों के साथ आगामी योजनाओं व गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पश्चात हुए संघ शिक्षा वर्गों में 40 वर्ष से कम आयु के 18981 व 40 वर्ष से अधिक आयु के 2925 शिक्षार्थियों ने वर्ग में अपनी सहभागिता निभाई। इस वर्ष पूरे देश के प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के 101 वर्गों में कुल संख्या 21906 की रही।

श्री आंबेकर ने कहा कि कोरोना के कारण प्रभावित हुआ शाखा कार्य फिर से शुरु हो गया है। वर्तमान में शाखाओं की संख्या 56824 है। स्वयंसेवकों के सामाजिक कार्य जैसे जल प्रबंधन, कचरा प्रबंधन, पर्यावारण व स्वच्छता आदि में समाज के सहयोग से सहभागिता बढ़ती जा रही है। ऐसे ही कुटुंब प्रबोधन व कुरीतियों के निवारण हेतु सामाजिक संस्थाओं, संतों व मठ-मंदिरों के सहयोग से इस कार्य को स्वयंसेवक आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में स्वाधीनता के 75 वर्ष के संदर्भ में समाजिक जीवन के सभी क्षेत्रों में स्व के आधार पर अज्ञात व अकीर्तित नायकों के बारे में समाज की विभिन्न संस्थाएं अनेक कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। उन्हें अपने स्तर पर और अधिक प्रचारित करने की आवश्यकता है ।

उन्होने बताया कि मार्च में सम्पन्न हुई अ. भा. प्रतिनिधि सभा की बैठक में स्वरोजगार के विषय पर भी विस्तृत चर्चा हुई थी। उसके अर्न्तगत स्वावलंबी भारत अभियान’ में 22 संगठनों ने 4000 से अधिक युवाओं को स्वरोजगार का प्रशिक्षण दिया है‌। इसी तरह 15 जुलाई यानी अंतर्राष्ट्रीय युवा कौशल दिवस से 21 अगस्त उद्योजक दिवस तक इस विषय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाऐंगे। उन्होंने कहा कि 2025 में संघ कार्य को प्रारम्भ हुए सौ वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। संघ के शताब्दी वर्ष की व्यापक विस्तार योजना बनी है। 2024 तक देश भर में एक लाख स्थानों पर शाखाओं को ले जाएंगे तथा समाज के सभी वर्गों में संघ कार्य पहुँचे एवं समाज जागरण के साथ समाज में सकारात्मक वातावरण बने ऐसा प्रयास रहेगा।

एक प्रश्न के उत्तर में सुनील आंबेकर ने कहा कि हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ लोक भावना का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि उदयपुर में जो नृशंस हत्या हुई है वह अत्यंत निंदनीय है। इसकी जितनी भी भर्त्सना हो वह कम है। हिन्दू समाज शांतिपूर्ण, संवैधानिक तरीके से अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। मुस्लिम समाज से भी अपेक्षा है कि ऐसी घटना का निषेध करे‌। ऐसी घटनाएं न समाज हित में हैं और न ही देशहित में।

 

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