लखनऊ | उत्तर प्रदेश में एक पति-पत्नी का झगड़ा अदालत में पहुंचने के साथ-साथ देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसकी सोशल मीडिया (Social Media) पर भी खूब चर्चा हो रही है. पति का रोता-बिलखता चेहरा देखकर लोग कह रहे हैं कि इसके साथ गलत हुआ. अब तो आप समझ ही गए होंगे कि हम ज्योति मौर्य (Jyoti Maurya) और आलोक मौर्य (Alok Maurya) की बात कर रहे हैं. पत्नी ज्योति मौर्य SDM हैं, और पति आलोक मौर्य पंचायत राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी (सफाई कर्मचारी) के तौर पर तैनात हैं.
अब कहा जा रहा है कि इन दोनों पति-पत्नी के बीच विवाद का असली वजह पद है. पत्नी उत्तर प्रदेश में ग्रेड-A की अफसर हैं, जबकि पति सफाई कर्मचारी है. जिस वजह दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं, और अब साथ रहना मुश्किल हो रहा है. पत्नी ज्योति मौर्य ने तलाक की अर्जी अदालत में लगाई है, दूसरी ओर पति आलोक जगह-जगह गुहार लगा रहा है, उसके साथ बहुत गलत हुआ, ज्योति ने उसे धोखा दिया है.
पद की वजह से टूटा रिश्ता?
अब हर किसी को ये तो पता है ही कि SDM के मुकाबले चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी का औहदा बेहद छोटा होता है. क्योंकि SDM के रहन-सहन का स्तर काफी ऊंचा होता है, वेतनमान भी सम्मानजनक होता है, तमाम तरह की सरकारी सुविधाएं मिलती हैं. जबकि चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी को भी ग्रेड के हिसाब से ही सैलरी मिलती है. लेकिन जब दोनों की सैलरी की तुलना करें तो SDM के मुकाबले सफाई कर्मचारी की सैलरी एक चौथाई से भी कम होती है.
अब आइए सबसे पहले आपको बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में एक सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) को सैलरी कितनी मिलती है, और उन्हें इसके अलावा क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं.
– बेसिक (Basic) सैलरी- 56100 रुपये से अधिकतम 1,77,500 रुपये तक.
– Dearness Allowance (DA)- 21,318 रुपये (38% Of Basic Pay)
– House Rent Allowance (HRA)- 4488 रुपये से लेकर 15147 रुपये तक (8-27% of Basic Pay)
– Transport Allowance (TA)- 7200 रुपये से 10,000 रुपये तक.
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टोटल- 92,565 रुपये
PF- 6732 रुपये
NPS – 7741 रुपये
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In Hand Salary- 77792 रुपये
इस हिसाब से देखें तो एक एसडीएम की शुरुआती सैलरी करीब 92565 रुपये होती है. इसमें से PF के लिए करीब 6,732 रुपये और NPS के लिए करीब 7,741 रुपये कटता है, दोनों को मिला दें तो राशि 14773 रुपये होती है. कुल सैलरी में इसे माइनस करने के बाद इन हैंड सैलरी 77,792 रुपये मासिक बनती है.
SDM को मिलती हैं ये तमाम सुविधाएं
हालांकि अनुभव बढ़ने के साथ ही सैलरी में भी बढ़ोतरी होती है. जहां तक बात ज्योति मौर्य की हैं तो वे पिछले 6 साल से नौकरी कर रही हैं, इस दौरान उनकी सैलरी में बढ़ोतरी भी हुई होगी. इसके अलावा HRA के शहर के हिसाब से मिलता है.
एसडीएम को सैलरी के साथ कई प्रकार के भत्ते और सुविधाएं भी मिलती हैं. सरकारी अवास, सुरक्षा गार्ड, माली और कुक जैसे हाउस हेल्प, एक सरकारी वाहन (सायरन के साथ), एक टेलिफोन कनेक्शन, फ्री बिजली वगैरह. इसके अलावा आधिकारिक यात्राओं के दौरान उच्च श्रेणी का सरकारी आवास और रिटायरमेंट के बाद पेंशन.
बरेली में ज्योति मौर्य की पोस्टिंग
गौरतलब है कि एसडीएम बनने के लिए राज्य स्तर की सिविल सेवा यानी PCS परीक्षा पास करनी पड़ती है. एसडीएम यानी सब डिविजनल मजिस्ट्रेट किसी जिले के डीएम यानी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के नीचे काम करता है. अगर ज्योति मौर्य की बात है तो उन्होंने साल 2015 में PCS की परीक्षा में 16वां स्थान हासिल किया था. बनारस की रहने वाली ज्योति पीसीएस अधिकारी बनने के बाद कौशांबी, जौनपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़ और लखनऊ में तैनात रहीं. इस समय वे बरेली के चीनी मिल में जीएम के पद पर हैं.
अब बात करते हैं आलोक मौर्य ((Alok Maurya Salary) की. साल 2009 में आलोक मौर्य पंचायत राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (सफाई कर्मचारी) के रूप में भर्ती हुए थे. उत्तर प्रदेश में एक सफाई कर्मी की कितनी सैलरी होती है? उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत काम करने वाले संविदा सफाई कर्मियों को वेतन 14000 रुपये से 14500 रुपये महीने मिलता है. जो 1800 रुपये ग्रेड पे के हिसाब से होता है.
उत्तर प्रदेश में सफाई कर्मी का वेतनमान 5,200 रुपये और 1800 ग्रेड पे होता है. इस हिसाब शुरुआती सैलरी कैलकुलेशन (18000 + HRA+ 42% DA) बनता है.
उत्तर प्रदेश में सफाई कर्मी की सैलरी-
Basic- 18000/-
DA- 6840/-
HRA- 5400/-
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कुल- 30240 रुपये
इसमें PF और NPS का कंट्रीब्यूशन माइनस करने पर सैलरी 25,596 रुपये बनती है. उत्तर प्रदेश में एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी की शुरुआती PF कंट्रीब्यूशन करीब 2160 रुपये और NPS के लिए करीब 2484 रुपये कटता है. इस दोनों राशि को मूल वेतन से हटा देने के बाद इन हैंड सैलरी (In Hand Salary) करीब 25,596 रुपये बनती है. हालांकि अनुभव और पद के आधार पर इसमें बढ़ोतरी होती है. अगर आलोक की बात करें तो उनकी नियुक्ति 2009 में हुई थी, जो कि करीब 14 साल हो चुका है. इस हिसाब में उनके वेतन में भी बढ़ोत्तरी लाजिमी है.
सफाई कर्मियों को कई राज्यों और सरकारी संगठनों द्वारा अतिरिक्त लाभ भी प्रदान किए जाते हैं. इसमें स्वास्थ्य बीमा, पेंशन योजना, शिक्षा अनुदान, बेरोजगारी भत्ता, कार्यकारी भत्ता, और कार्यकारी भत्ता शामिल हो सकते हैं. ये सुविधाएं सफाई कर्मियों को सुरक्षित और आर्थिक रूप से स्थिरता प्रदान करने में मदद करती हैं.