जांजगीर-चांपा, (सार्थक दुनिया) | सोमवार को पूरा देश जहां आजादी का जश्न मना रहा था, वहीं कोतवाली थाना जांजगीर क्षेत्र के ग्राम पुटपूरा में एक पांच बेटियों के पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना कर रही है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना जांजगीर के ग्राम पुटपूरा निवासी दिलहरण यादव (52) अपनी पत्नी के साथ खेतों में मजदूरी करता था। रोज की तरह वह सोमवार को भी मजदूरी पर जाने के लिए तैयार हुआ, इस दौरान दिलहरण ने अपनी पत्नी से कहा कि तुम आगे चलो मैं आ रहा हूं। इसके बाद उसकी पत्नी काम पर चली गई और दिलहराण आधे रास्ते से घर लौट आया। इस दौरान उसकी बेटियां भी बाहर थीं। कुछ देर बाद जब बेटी घर पहुंची तो दिलहरण का शव पंखे से लटका हुआ देखा।
इस पर बेटी ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई और शव को नीचे उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। इस संबंध में आसपास के लोगों ने बताया कि दिलहरण की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। दिलहरण के पास पहले खेती-बाड़ी थी, लेकिन देखते ही देखते सब कुछ बिक गया। अब वह परिवार चलाने के लिए खुद ही दूसरों के खेत में मजदूरी करने लगा था। उसकी पांच बेटियां हैं जिसमें से दो की शादी हो चुकी है। कोतवाली थाना प्रभारी उमेश साहू ने बताया कि आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना कर रही है।